Wednesday, April 20, 2016

आँखों की देखभाल करने के 10 उपाए

आंख हमारे शरीर का सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, बल्कि सबसे उपयोगी अंग भी है। इसका सिर्फ खूबसूरत होना तबतक मायने नहीं रखता जबतक कि आपके आंखों की रोशनी भी सलामत न हो, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो या तो आपकी खूबसूरत आंखों को चश्मे के मोटे-मोटे फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर लेंस लगाने के झंझटों में फंसे ही रहेंगे।

आज इण्टरनेट का युग है टी.बी,मोबाइल, लेपटाप व अन्य डिवाइसों के बिना रहना अगर असम्भव नही तो कठिन अवश्य है।
हम जानते है कि आँखें हमारे शरीर का ही अंग हैं और उनकी रोशनी कम होने का मतलव है कि आपके शरीर में कमजोरी आ गयी है।और शरीर की कमजोरी बनती हैआपके पेट से अगर आपका पेट साफ रहता है तो रोग आपके आस पास भटकेगा भी नही |

अतः आँखों का इलाज करने से पहले आपका पेट साफ होना चाहिए।

सामान्य उपाय ---
1- Early to bed & Early to rise
makes a man healthy wealthy & wise.
के अनुसार जल्दी सोयें जल्दी जागें ।
2-उठते ही रात में रखा हुआ ताँवे के वर्तन का जल प्रतिदिन पियें।
3- भोजन हमेशा ताजा व पालथी लगाकर ही करें।
4- रोजाना टहलने जरुर जाएं।
5- 10 ग्राम गुलकन्द दूध के साथ लें
नेत्र ज्योति वर्धक उपाय
रात को दो गिलास पानी को एक वर्तन में ले लें तथा एक मुठठी आँवला उसमें डाल कर फूलने रख दें ध्यान रखें आँवलों को पहले साफ कर लें।सुवह को आँवलों को मसल कर यदि ठण्ड का समय है तो आँवलों के पानी को थोड़ा कुनकना कर लें वाद में मसलें तथा छान लें एक चुटकी मेथी दाना मुँह में डाल कर आधा पानी पी जाऐं।वाकी पानी से आँखें धो लें।इस नुस्खे से आँखो की रोशनी भी बढे़गी साथ ही साथ कब्ज भी दुर होगी |
प्राणायाम :
प्राणायाम आंखों की रोशनी को सही और आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है।इसे करने के लिए आप सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें। अब आंखें बंद रखकर लंबी सांस लें और फिर छोड़ें। इस क्रिया को लगातार करें। 
अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ लें और गर्म हाथों को तेजी से आंखों पर रखें। ऐसे करने के बाद कुछ पल के बाद हाथ हटाएं और फिर धीरे-धीरे अपनी आंखें खोलें। ऐसा करें तो आपकी आंखें भी हर पल आपका साथ देंगी।
नज़र को ज़रा दूर दौड़ाएं

इसके लिए कोई ऐसा केन्द्र चुनें जो आपकी नज़र में सबसे दूर मौजूद हो। अब उसे ध्यान से देखने की कोशिश करें और तकरीबन 5-7 मिनट तक ऐसा जरूर करें। ऐसा रेग्युलर करते रहने से आंखों को रोशनी बढ़ती है।
बीच-बीच में अपनी पलकें झपकाएं
आंखें थक जाए तो बीच में रुकिए और कुछ सेकंड तक अपनी पलकें लगातार झपकाएं और फिर तेजी से बंद कर लें और फिर थोड़ी देर बाद खोलें। समझिए, आपको आंखों को रिफ्रेशमेंट मिल गया।
इसके अलावा रात में खुले आसमान के नीचे रहने का मौका मिले तो एकटक से चांद-सितारों को देखने की कोशिश करें। सूर्य और ऐसे किसी चीज पर नज़र गड़ाने की कोशिश न करें जिससे तेज रोशनी निकल रही हो।
नाक की तरफ अपनी दोनों आंखों को फोकस करें और उसके कुछ पल बाद किसी अन्य वस्तु पर नज़र फोकस करें। यह एक्सरसाइज़ सुबह सवेरे कम से कम 10 बार करें तो आंखों को फायदा होगा।
इसके अलावा काम के बीच-बीच में आंखों को गोलाकार करके घुमाएं। पहले घड़ी की दिशा में घुमाएं और फिर तीन-चार राउंड के बाद घड़ी के विपरीत दिशा में घुमाएं। आप इसे ऊपर-नीचे या बाएं-दाएं भी घमा सकते हैं।

आंखों का व्‍यायाम कैसे करें?

हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर को फिट रखना कितना आवश्‍यक और महत्‍वपूर्ण है और इसके लिए हम कई चीजें जैसे - जिम, जॉगिंग, और तैराकी करते हैं। लेकिन, क्‍या आपको पता है कि शरीर के अन्‍य भागों के व्‍यायाम की तरह आप आंखों की एक्‍सरसाइज भी कर सकते हैं। आंखों की एक्‍सरसाइज, आंखों को स्‍वस्‍थ बनाएं रखती है और इन पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में भी मदद करती है। आगे बताएं जाने वाले टिप्‍स पर ध्‍यान दें, यह टिप्‍स आपकी आखों की रोशनी में सुधार तो नहीं करेगें लेकिन दिन के दौरान की आखों की रोशनी के स्‍तर को बनाएं रखेगें और आगे चलकर आंखों की रोशनी में होने वाली गिरावट को रोकेगें।

ऐसे कीजिये व्‍यायाम- 

1) एक कुर्सी पर आराम से बैठें। अपनी दोनो हाथों को हथेलियों को रगड़ कर गर्म करें। अपनी आखें बंद कर लें और गर्म हथेलियों से हल्‍के से उन्‍हे ढक लें। आईवॉल पर प्रेशर न डालें। आंखों को इस प्रकार कवर करें कि उंगलियों या हथेलियों के बीच से उन तक रोशनी की एक भी किरण न पहुंचे। इस दौरान आप धीमे से गहरी सांस लें और किसी अच्‍छी घटना के बारे में या फ्यूचर में होने वाली किसी अच्‍छी बात के बारे में सोचें। इसके बाद आप हथेलियों को हटा लें और धीमे से आखें खोल लें। इस प्रक्रिया को दिन में कम से कम 3 मिनट या ज्‍यादा करें।

2) अपनी आखों की मसाज करें : 
गरम और ठंड सिकाई - दो तौलियां लीजिए, एक को गर्म पानी में भिगोएं और दूसरे को ठंडे पानी में भिगो दें। पहले किसी एक तौलिया को लीजिए और चेहरे पर हल्‍का दबाव डालते हुए घुमाइए, अपने भौं और आखों के आस - पास के एरिया में आराम से आहिस्‍ता से टच करवाएं। इस दौरान अपनी पलकों को बंद रखें ताकि आखों पर अच्‍छे से सेक हो सके। इस प्रकार दोनो तौलिए से एक - एक बार आंखों और चेहरे पर सेक दें और अंत में ठंडे पानी की तौलिया को इस्‍तेमाल करें। 
फुल फेस मसाज - गर्म पानी में एक तौलिया भिगोएं। उसे अपने चेहरे पर रखें और नाक व गर्दन को रगड़ें और गाल पर अच्‍छे से फिराएं लेकिन आखों को बचा कर रखें। इसके बाद, उंगुलियों के पोरो से माथे और बंद आखों की मसाज करें।
पलकों की मालिश - अपनी आखें बंद कर लें और अपनी अंगुलियों के सिरो से आखों पर हल्‍के - हल्‍के से गोलाई में घुमाएं, ऐसा 1 से 2 मिनट तक करें। सुनिश्चित कर लें कि आप इस प्रक्रिया को बेहद धीमी तरीके से करें और बाद में बिना आखों को नुकसान पहुंचाए हाथों को धुल लें।

3) अपने हाथों की बीच की तीन अंगुलियों को ऊपरी पलकों पर धीमे से रखें। उन्‍हे हल्‍के से रखकर 1 से 2 सेकेण्‍ड तक आखों को बंद रखें और उसके बाद छोड़ दें, इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं 

4) बैठे और आराम करें। अपनी आखें को क्‍लॉकवाइस घुमाएं और उसके बाद एंटी क्‍लॉकवाइस घुमाएं। इस प्रक्रिया को 5 बार दो‍हराएं, हर बार इसे करने के बाद आखों की पलकों को हिला लें। 

5) किसी दूर रखी चीज पर 10 से 15 सेकेण्‍ड के लिए निगाह ठहराएं ( जो 150 फीट ऊंची या 50 मीटर दूरी पर हो ) । उसके बाद, अपनी आखों को धीरे से दूसरी जगह ले जाएं और नजदीकी चीज को देखें ( जो 30 फीट से कम और 10 मीटर की दूरी पर हो ), इस दौरान आपका सिर नहीं घूमना चाहिए। उसके बाद पुन: पहले वाले आब्‍जेक्‍ट पर जाएं और 10 से 15 सेकेण्‍ड तक देखेंऔर वापस कम दूरी वाले आब्‍जेक्‍ट पर आ जाएं। इस प्रकार, इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं लेकिन याद रहे कि सिर नहीं घुमाना है।

6) अपने हाथ की दूरी पर एक पेंसिल को पकडें। अपनी हाथ को नाक की तरफ धीरे से बढ़ाएं। पेंसिल की नोक पर अपनी निगाह टिकाएं रखें जब तक कि आप उसकी नोक को कम दूरी के कारण देखने में असक्षम न हो जाएं। इस प्रासेस को इस बार करें ( पेंसिल के अलावा आप किसी भी चीज को ले सकते हैं जिस पर आपका ध्‍यान केंद्रित हो सकें और उसे आप अपनी हाथों से आसानी से मूव करा लें )। 

7) अपने सामने की दीवार पर देखें और मानें कि आप, अपनी आखों से दीवार पर लिख रहे हैं। अपना सर न घुमाएं। ऐसा करने में पहली बार काफी दिक्‍कत होती है लेकिन कोशिश करने के बादऔर एक दो बार प्रैक्टिस होने के बाद आपको इस काम में मजा आने लगेगा। आप जितने बड़े शब्‍द लिखेगें, उतना ही अच्‍छा आखों पर पड़ेगा।

8) आखों को ऊपर करें और फिर ऊपर से नीचे करें। ऐसा कम से कम 8 बार करें और फिर इसी प्रक्रिया को 8 बार लेफ्ट से राइट और राइट से लेफ्ट करें। लेकिन ध्‍यान रहें कि इस एक्‍सरसाइज के दौरान आंख किसी और दिशा में न जाएं वरना आपकी आंखों की रोशनी अच्‍छी होने की बजाय बदतर हो जाएगी।







Tuesday, April 19, 2016

सांसों की दुर्गन्ध‍ के इलाज के घरेलू नुस्‍खे

सांस की बदबू से लोगों को अक्सर सामाजिक जगहों पर शर्मिंदा होना पड़ता है। सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। जमी हुई श्लेष्मा और नाक और गले की नली, पेट और आंत की नली, मूत्र नली, रक्त में जमने वाले अन्य विषैले पदार्थों से भी सांस की बदबू उत्पन्न होती है।आप चाहें तो इससे छुटकारा पा सकती है। जानें सांसों की दुर्गंध से बचने के उपाय..
  • चिकित्सकों का मानना है कि मुंह की सफाई तब तक पूरी नहीं मानी जाती है जब तक जीभ की सफाई न हो। कई बार भोजन के बाद कुछ बारीक कण जीभ पर लगे रह जाते हैं जिन्हें अगर सही तरीके से साफ न करें तो भी सांसो से दुर्गंध आती है। ऐसे में ब्रश करते वक्त रोज जीभ को टंग क्लीनर से जरूर साफ करें जिससे सांसों की दुर्गंध और मुंह के संक्रमण से बचाव हो सके।

  • पार्सली की टहनियों को बारीक काटकर, दो से तीन लवंग या चौथाई चम्मच पीसे हुए लवंग को दो कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने पर दिन में कई बार माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। पानी खूब पीयें और पेट को साफ रखें।
  • सौंफ़ एक मसाला है जो ज्यादातर खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ़ भी बुरी सांसों से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच सौंफ़ बीज को ले और अपने मुंह में डालकर धीरे धीरे चबायें, इस मसाले में ताजा सांस देने के लिये रोगाणुरोधी गुण है। आप इलायची या लौंग जैसे अन्य प्रामाणिक मसाले का भी उपयोग कर सकते हैं।

    • चाय भी आपकी बुरी सांसों पर नियंत्रण में सहायता करता है। किसी भी तरह की चाय काली या हरी चाय में पॉलीफेनॉल्स यौगिक होता है जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है जो बुरी सांसों का कारण बनता है। चाय जो हमेशा आपकी रसोई घर में उपलब्ध होता है आसानी से बुरी सांसों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। आप नियमित एक कप चाय या हरी चाय पी सकते हैं और बुरी सांसों को हटा सकते हैं।
    • अजमोद में क्लोरोफिल शामिल है, जो वास्तव में बुरी सांसों को नियंत्रित करता है। ताजा अजमोद पत्तियों का एक गुच्छा ले और सिरके में भिगो दें। दो से तीन मिनट तक पत्ते को चबायें और अपने मुँह में ताजगी महसूस करें। आप अजमोद रस भी बना सकते है, और आप कभी भी पी सकते हैं जब आप ताजगी महसूस करना चाहते हैं। अजमोद में अन्य लाभकारी कारक है जो पाचन और पेट की गैस में आराम पहुंचाता है।

    • इन घरेलु नुस्खों के प्रयोग से आप अपनी सांस की बदबू पर नियंत्रण पा सकते है। समय के साथ ये आपकी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म कर देगी।

आसान तरीकों से बढ़ायें आंखों की रोशनी

आखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है तभी वेदों में भी कहा गया है सभी इंद्रियों में आंखें ही श्रेष्ठ हैं। आंखों की रोशनी कम होने की वजह है भोजन में विटामिन  की कमी, जिस वजह से छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती है।
दूसरी वजह घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना।
तीसरी वजह आंखों की सफाई पर ध्यान न देना।
ये कुछ वजह हैं जो आंखों की रोशनी को कम करती हैं और आपको चश्मा लगाने के लिए विवश करती है।

आइए आप को बताते हैं एैसे आयुर्वेदिक उपाय जो आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ायेगा-

1. प्रतिदिन पपीता खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
2. सेब का मुरब्बा खायें और उसके बाद दूध का सेवन करें एैसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
3. प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करने से आंखों की शक्ति बढ़ती है।
4. प्रतिदिन यदि आप गाजर का जूस पीयें तो आंखों की रोशनी बढ़ेगी।
5. सेब के सेवन करने और उसका जूस पीने से आंखों की ज्याति तेज होती है।
6. काली मिर्च का चूर्ण, घी और मिश्री मिलाकर रोज सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
7. प्रतिदिन नहाने से पहले पांवों के अंगूठे में तेल मलकर नहाने से आंखों की रोशनी प्रबल होती है।
8. सुबह जल्दी उठकर पार्क में ओस पड़ी घास में नंगे पैरों से चलने से कमजोर आंखें तेज होती है।
9. सुबह उठकर मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह को फुलायें और ठंडे पानी से आखों में छीटें मारें।
10. हरे धनिया को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसे साफ कपड़े में छान लें और इसकी 2-2 बूंदें आंखों में डालने से दुखती आंखे ठीक होती हैं।

आंखों का ध्यान रखने का कुछ और उपाय-

1. कंप्यूटर पर काम करते समय स्क्रीन पर लगातार न देखें। 20 मिनट के अंतराल पर स्क्रीन से आंखे हटा लें एैसा करने से आंखों को आराम मिलता है।
2. आंखों को धूप से बचाने के लिए आप यूवी प्रोटेक्टव लैंस वाले चश्में का प्रयोग करें।
3. 1 मिनट में कम से कम 10 से 12 बार आंखों की पलकें झपकाते रहें। एैसा करने से आंखें रूखी नहीं रहती हैं।
4. लेटकर या झुककर पढ़ना भी आंखों के लिए ठीक नहीं है। पढ़ते समय प्रकाश पीछे से आना चाहिए।
5. चलती हुई बस या गाड़ी में किताब पढ़ने से आखें खराब हो जाती है।
6. नींद कम लेने से भी आंखों पर बुरा असर पड़ता है, कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें।
7. टीवी या कंप्यूटर को अधिक पास से न देखें।
इन उपायों का प्रयोग करने से आपकी आखों की रोशनी बढे़गी।

सुंदर आंखें

नियमित रूप से करें आंखों की सफाई

आंखों के प्रति लापरवाही बरतने से आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, आंखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं से आंखों को बचाने के लिए नियमित रूप से आंखों की सफाई करनी चाहिए। इसके लिए आप आंखों को दिन में 3-4 बार ठंडे पानी से अच्छीं तरह से धोएं।

आहार में लें पोषक तत्‍व

आंखों को बीमारी से बचाने के लिए विटामिन-ए और विटामिन के से भरपूर भोजन लेना चाहिए। दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, शुद्ध घी और हरी साग-सब्जियों इत्यादि का सेवन करना चाहिए। इसके सुबह उठकर पानी पीना, पूरे दिन में 8-9 गिलास पानी—पीना आंखों के लिए हितकर होता है जो शरीर में बढ़ते हुए विषैले पदार्थों को नष्ट करता है।

भरपूर नींद लें

आंखों को आराम देने के लिए पर्याप्त आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। और साथ ही आंखों के आसपास की त्वचा को पुष्ट करने के लिए बादाम के तेल से आंखों के नीचे हल्के हाथ से मालिश करनी चाहिए। इससे आंखों के नीचे काले घेरे भी दूर होते हैं। इसके अलावा आंखों के नीचे एंटी रिंकल क्रीम लगानी चाहिए। एंटी रिंकल क्रीम में मौजूद तत्व होते है विटामिन सी और ग्रीन टी, जो आंखों के काले घेरे बनने से रोकने में लाभकारी है

कंप्‍यूटर से उचित दूरी

आंखों की सेहत के लिए जरूरी है कि उचित प्रकाश में ही बैठकर काम किया जाएं, फिर चाहे आप कंप्यूटर पर काम कर रहे हो या फिर पढ़ाई। बहुत नजदीक से निरंतर किसी चीज को देखने या ज्यादा देर तक कम्यूटर के सामने बैठने के कारण आंखों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसलिए निरंतर आंखों पर जोर न डालें। बीच-बीच में अवकाश लेते रहें।

समय-समय पर आंखों का चेकअप करायें  

आंखों में कोई समस्या, हो या न हो लेकिन समय-समय पर आंखों का चेकअप कराना चाहिए। खासकर डायबिटीज के रोगियों को समय-समय पर आंखों का चेकअप जरूर करवाना चाहिए क्योंकि डायबिटीज से आंखों पर नकारात्मक असर पड़ता है और लंबे समय तक डायबिटीज रहने पर अंधापन भी हो सकता है।

च्छी क्वालिटी के उत्पादों का इस्‍तेमाल

आंखों को धूल-मिट्टी और धूप से बचाने के लिए बाहर निकलते समय आंखों पर शेड्स या चश्में का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही आंखों के मेकअप के लिए अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का ही इस्तेमाल करें। आंखों पर जरूरत के हिसाब से मेकअप करना चाहिए, यानी काजल, सुरमा जैसी चीजें लगाने से बचना चाहिए।

अन्‍य उपाय

  • आंखों में थकान होने पर गुलाब जल में रूई भिगोकर आंखों पर रखने से आंखों को राहत मिलती है।
  • आंखों में दर्द होने पर दोनों हथेलियों को रगड़कर कुछ देर आंखों पर मलना अच्छा रहता है।
  • कंप्यूटर पर काम करते समय अपनी कुर्सी को कंप्यूटर की ऊंचाई के हिसाब से रखें। जिससे आंखों पर बहुत अधिक जोर न पड़े और टीवी कभी अंधेरे में न देखें, इससे आंखों पर बहुत जोर पड़ता है।
  • रात को सोने से पहले आंखों का मेकअप ध्यानपूर्वक हटाएं।